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दुर्ग। पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर उतर आया। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला और रात 12 बजे के आसपास समाप्त हुआ।
छात्रों का कहना था कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षक बेहद कम हैं। इसका सीधा असर नियमित पढ़ाई, सिलेबस और परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा है। लंबे समय तक प्रदर्शन के बावजूद छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे।
अधिकारियों की समझाइश भी नहीं आई काम
छात्रों को समझाने के लिए मौके पर SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर रास्ता खोलने की अपील की, लेकिन छात्र पर्याप्त शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की मांग पर अड़े रहे।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग थी कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्कूल में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं।
मंत्री से फोन पर बातचीत के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
लगातार गतिरोध के बाद छात्रों की शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। मंत्री की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने स्वयं चक्काजाम समाप्त करने का फैसला लिया।
इस बीच विभाग ने स्कूल में 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था करने की बात कही है। इसके बाद स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़कर 7 हो जाएगी। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है।
प्राचार्य हटे, ओपन स्कूल व्यवस्था भी होगी खत्म
छात्रों की मांग पर स्कूल के मौजूदा प्राचार्य को हटाने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा स्कूल में संचालित ओपन स्कूल व्यवस्था को अगले शैक्षणिक सत्र से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि, विद्यार्थियों की मूल मांग इससे कहीं बड़ी है। छात्रों ने स्कूल में कुल 17 शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी है। खासतौर पर आर्ट्स और कॉमर्स विषयों के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज हैं।
चार दिन पहले भी किया था प्रदर्शन
शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र इससे पहले 21 अगस्त को भी सड़क पर उतर चुके थे। उस समय प्रशासन ने बातचीत कर जल्द व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया था।
छात्रों का कहना है कि 25 अगस्त तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़ा। विद्यार्थियों के मुताबिक स्कूल में करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि वर्तमान में केवल 3 शिक्षक और एक प्राचार्य के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही थी।
छात्रों का सवाल- शिक्षक नहीं तो सिलेबस कैसे होगा पूरा?
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं होने से आगामी परीक्षाओं को लेकर भी छात्रों की चिंता बढ़ गई है।
विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर कायम हैं।
शिक्षा मंत्री के गृह जिले में छात्रों का लगातार प्रदर्शन
पेंड्रावन स्कूल धमधा क्षेत्र में आता है और दुर्ग जिला शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का दो बार सड़क पर उतरना शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
गौरतलब है कि दुर्ग जिले के सेलूद में भी छात्र शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं शिक्षक और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के आंदोलन भी जिले में लगातार सामने आते रहे हैं।