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उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अलकापुरी जंगल से लगे खेत में बिजली के तार की चपेट में आने से हाथी के एक शावक की मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड रातभर घटनास्थल के आसपास मौजूद रहा। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा।
जानकारी के मुताबिक, अलकापुरी क्षेत्र के जंगल में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड घूम रहा है। फसलों को हाथियों से बचाने के लिए खेतों के आसपास झटका देने वाले तार लगाए गए थे। बुधवार रात करीब 10 बजे हाथी का बच्चा इन तारों की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि तार उसकी सूंड और पैर में फंस गया, जिसके बाद करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रातभर शावक के आसपास घूमता रहा हाथियों का दल
शावक की मौत के बाद हाथियों का झुंड घटनास्थल के आसपास ही बना रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथी रातभर चिंघाड़ते रहे। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों में डर का माहौल रहा और लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते रहे।
सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
सरपंच के परिवार की जमीन होने की जानकारी
बताया जा रहा है कि जिस खेत के आसपास तार लगाया गया था, वह झिरमिटी के सरपंच चंदन एक्का और उनके परिवार की जमीन है। हालांकि, इस मामले में तार में करंट की स्थिति और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर वन विभाग जांच कर रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने क्षेत्र में अवैध हुकिंग की आशंका को देखते हुए आसपास के इलाकों की भी जांच शुरू की है।
झटका तार या सीधे करंट? जांच का इंतजार
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि सामान्य झटका मशीन से इतना करंट नहीं निकलता कि किसी जानवर या इंसान की मौत हो जाए। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तार में सीधे बिजली का कनेक्शन दिया गया हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में फिलहाल करीब 27 हाथियों का दल घूम रहा है। शावक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और इसके बाद वन विभाग की प्रक्रिया के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।