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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर परिसर के सामने प्रसाद के रूप में बेचे जा रहे बूंदी लड्डू की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए सैंपल सरकारी लैब की जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच रिपोर्ट में लड्डू को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित (Unsafe) बताया गया है।
सरकारी लैब रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
भोपाल स्थित सीईएस एनालिटिकल एंड रिसर्च सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की जांच रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू में कृत्रिम मिठास बढ़ाने वाले एस्पार्टेम (Aspartame) और सिंथेटिक फूड कलर सनसेट येलो (Sunset Yellow FCF) की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई।
जांच में:
एस्पार्टेम: 1710.76 mg/kg (निर्धारित सीमा 1000 mg/kg)
सनसेट येलो: 111.27 mg/kg (निर्धारित सीमा 100 mg/kg)
किस दुकान से लिया गया था सैंपल?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर परिसर के सामने स्थित आनंद पूजा भंडार से बूंदी लड्डू का सैंपल लिया था। लैब रिपोर्ट में नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद विभाग ने संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्यों बढ़ी चिंता?
रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू को अधिक मीठा बनाने के लिए शक्कर के स्थान पर कृत्रिम स्वीटनर का इस्तेमाल किया गया था। वहीं आकर्षक पीला-नारंगी रंग देने के लिए सिंथेटिक फूड कलर की मात्रा भी तय सीमा से अधिक मिली।
अधिक मात्रा में ऐसे रसायनों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति पर इनके वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक माना जाता है।
अन्य दुकानों की भी होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी नितेश मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट सामने आने के बाद मंदिर परिसर के सामने स्थित अन्य प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानों से भी लड्डू के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह रिपोर्ट सरकारी लैब जांच और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर आधारित है। अन्य दुकानों से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।