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बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा: झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं मरीज; स्वास्थ्य विभाग की अहम सलाह
छत्तीसगढ़

बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा: झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं मरीज; स्वास्थ्य विभाग की अहम सलाह

Mor Anchal Desk 17 July 2026
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मुंगेली | बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश (सांप के काटने) की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाने की अपील की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खेत-खलिहानों, झाड़ियों, नमी वाले स्थानों और घरों के आसपास बारिश के दौरान सांपों के निकलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सर्पदंश होने पर क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने की बजाय उसे शांत रखें और अनावश्यक चलने-फिरने से रोकें। काटे गए अंग को स्थिर रखें तथा बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

क्या बिल्कुल न करें?

स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि सर्पदंश की स्थिति में:

झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें।

काटे गए स्थान को चूसने, काटने, जलाने या चीरा लगाने की कोशिश न करें।

रस्सी या कपड़े से अंग को बहुत कसकर न बांधें।

मरीज को शराब या कोई अन्य नशीला पदार्थ न दें।

सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।

 

यदि संभव हो तो सुरक्षित दूरी से सांप के रंग या प्रकार की जानकारी याद रखें, ताकि डॉक्टरों को इलाज में सहायता मिल सके।

बारिश के मौसम में ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

रात में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें।

खेतों और झाड़ियों में काम करते समय जूते और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

घर के आसपास घास, झाड़ियां और कचरा जमा न होने दें।

जमीन पर सोने से बचें।

जूते और कपड़े पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें।

समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। सही समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहकर केवल चिकित्सा उपचार पर भरोसा करें।