अपनी पसंद की खबर खोजें
धमतरी। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने धमतरी जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करेली बड़ी नगर पंचायत क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था ठप होने से करीब 100 एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। कई दिनों से खेतों में पानी भरे रहने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। समस्या के समाधान और मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

चारभाठा नाला बना जलभराव की वजह
किसानों का कहना है कि गांव और आसपास के खेतों का अतिरिक्त पानी चारभाठा नाला के जरिए निकलता है, लेकिन समय पर सफाई और गहरीकरण नहीं होने से नाला गाद और मलबे से भर गया है। इसके चलते बारिश का पानी खेतों से निकलने के बजाय वापस कृषि भूमि में भर गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए और फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।

दो बार बोई फसल, फिर भी नहीं बची मेहनत
प्रभावित किसान भरत लाल निषाद और दयालू राम निषाद ने बताया कि इस सीजन में मौसम की मार के कारण उन्हें दो बार धान की बुवाई करनी पड़ी। लगातार करीब 15 दिनों से हो रही बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया और अब तैयार होती फसल भी खराब होने की कगार पर पहुंच गई है।

100 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित
किसानों के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र का बारिश का पानी, गाद और कचरा चारभाठा नाले में जमा होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका असर आसपास की करीब 100 एकड़ कृषि भूमि पर पड़ा है, जहां धान की फसल लंबे समय से पानी में डूबी हुई है।
नाले की सफाई और मुआवजे की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से चारभाठा नाले की तत्काल खुदाई, सफाई और गहरीकरण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। साथ ही उन्होंने फसल नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित राहत और मुआवजा देने की मांग भी की है।
कृषि विभाग ने दिया कार्रवाई का भरोसा
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया है कि शिकायत के आधार पर मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। विभाग का कहना है कि नियमानुसार फसल नुकसान का आकलन कर आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पात्र किसानों को राहत दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।