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एमसीबी | छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में करियर बनाने का शानदार अवसर सामने आया है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से निःशुल्क टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण अगस्त-सितंबर 2026 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (IITTM), ग्वालियर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक ने इस संबंध में सरगुजा संभाग के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर पात्र अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इन जिलों के युवाओं को मिलेगा मौका
प्रशिक्षण के लिए सरगुजा संभाग के इन जिलों से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा—
अंबिकापुर
बलरामपुर
जशपुर
कोरिया
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)
सूरजपुर
प्रत्येक जिले से 7 पात्र स्नातक (Graduate) युवाओं का चयन किया जाएगा।
क्या मिलेगा प्रशिक्षण में?
एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
पर्यटन प्रबंधन
स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति
विरासत स्थलों की जानकारी
पर्यटकों से संवाद कौशल
आतिथ्य (Hospitality) प्रबंधन
टूरिस्ट गाइडिंग की व्यावहारिक ट्रेनिंग
पर्यटन से जुड़े आचार-व्यवहार
मिलेगा IITTM का सर्टिफिकेट
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को IITTM, ग्वालियर द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र पर्यटन उद्योग में नौकरी और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मददगार होगा।
आवेदन के लिए जरूरी योग्यता
अभ्यर्थी का स्नातक (Graduate) होना अनिवार्य।
प्रत्येक जिले से केवल 7 अभ्यर्थियों का चयन।
प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा।
10 दिन में भेजनी होगी सूची
टूरिज्म बोर्ड ने जिला प्रशासन से चयनित अभ्यर्थियों की सूची 10 दिनों के भीतर भेजने को कहा है। सूची में नाम, आयु, शैक्षणिक योग्यता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और पूरा पता शामिल रहेगा।
प्रदेश के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
टूरिज्म बोर्ड का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध होंगे, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे तथा छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को देश-विदेश तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।