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रायपुर | छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। राजधानी रायपुर में सोमवार रात से लगातार बारिश का दौर जारी है, जबकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश का सबसे अधिक असर रायगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां लगातार हुई बारिश के कारण पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड क्रमांक-18 के कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के चलते लोगों को आवागमन और दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा।
केलो डैम के चार गेट खोले गए
रायगढ़ में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने केलो डैम के चार गेट खोल दिए हैं। डैम का जलस्तर 230.85 मीटर तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
पूरे प्रदेश में सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
रायपुर में दिनभर बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में मंगलवार को भी पूरे दिन बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। सोमवार को अंबिकापुर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अब भी सामान्य से 22% कम बारिश
हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो राज्य अब भी सामान्य वर्षा से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में 348.5 मिमी (करीब 13.7 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 444.6 मिमी (करीब 17.5 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है और राज्य अभी भी 'डिफिशिएंट रेनफॉल' श्रेणी में बना हुआ है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।