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छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून: बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर का असर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून: बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर का असर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Mor Anchal Desk 16 July 2026
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रायपुर | लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के मजबूत होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग ने 16 जुलाई (गुरुवार) को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

राज्य में 1 जून से 15 जुलाई तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो से तीन दिनों में अच्छी बारिश होने से इस कमी में काफी हद तक सुधार हो सकता है।

रायपुर में दिनभर छाए रहेंगे बादल

राजधानी रायपुर में गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का अनुमान है।

अगले 48 घंटे अहम

मौसम विभाग के अनुसार मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां सबसे अधिक देखने को मिल सकती हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम और मजबूत होता है तो अगले 48 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी, जिससे किसानों, जलाशयों और भूजल स्तर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे

IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 32 में से 16 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 14 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में है और केवल एक जिला अत्यधिक बारिश की श्रेणी में शामिल है।

सबसे ज्यादा बारिश यहां हुई

प्रदेश में सबसे अधिक बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में रिकॉर्ड की गई है। यहां अब तक 462.5 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 74% अधिक है।

इसके अलावा मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 21% ज्यादा है।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। बारिश की कमी के कारण कई जिलों में धान सहित अन्य फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

क्यों कमजोर पड़ा था मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों तक ब्रेक मॉनसून की स्थिति बनी हुई थी। इस दौरान मानसूनी ट्रफ और लो प्रेशर सिस्टम राज्य से दूर चले गए थे, जिससे प्रदेश में बारिश लगभग थम गई थी। अब नया लो प्रेशर सिस्टम बनने से मानसून फिर सक्रिय हो गया है।