अपनी पसंद की खबर खोजें
गरियाबंद | आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के अमलीपदर में भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी। यह आयोजन क्षेत्र की सबसे प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक माना जाता है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
इस धार्मिक आयोजन का संचालन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित युवराज पांडेय के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में किया जाता है। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के सुसज्जित रथ नगर भ्रमण करेंगे। श्रद्धालु "जय जगन्नाथ" के जयघोष के साथ रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
आयोजन स्थल पर सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हो जाएगा। इसके बाद भगवान का महाअभिषेक, श्रृंगार एवं आरती संपन्न होने के पश्चात रथयात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा मार्ग को आकर्षक सजावट, फूलों और धार्मिक ध्वजों से सजाया गया है।
आयोजकों के अनुसार रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। प्रशासन एवं स्वयंसेवकों की टीम सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालेगी ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और भाईचारे का भी प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आकर उन्हें दर्शन देते हैं। यह परंपरा पुरी धाम की रथयात्रा से प्रेरित है और देशभर में श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है।
क्या रहेगा आकर्षण
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा
पंडित युवराज पांडेय के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन
भजन-कीर्तन एवं संगीतमय प्रस्तुति
हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता
महाप्रसाद वितरण एवं सेवा कार्य
नगर में भक्तिमय वातावरण