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बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुवारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कक्षा दूसरी में पढ़ाई चल रही थी, तभी अचानक स्कूल भवन की छत का प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। इस हादसे में तीन मासूम छात्र घायल हो गए, जिनमें दो बच्चों के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार से पूरा माहौल दहशत में बदल गया।
घायल बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थानखम्हारिया ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो छात्रों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पढ़ाई के दौरान अचानक हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कक्षा दूसरी के छात्र रोज की तरह अपनी कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। शिक्षक पढ़ा रहे थे, तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर सीधे बच्चों के ऊपर आ गिरा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद बच्चे डर के मारे रोने लगे और स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
शिक्षकों और ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
जर्जर भवन को लेकर पहले भी जताई गई थी चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। इसकी शिकायत कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन से की गई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले 'स्कूल जतन योजना' के तहत भवन की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन मरम्मत की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि कुछ ही समय में फिर से प्लास्टर गिरने लगा। अब इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि जब भवन पहले से जर्जर था और शिकायतें भी की जा चुकी थीं, तो बच्चों को उसी कमरे में पढ़ाई क्यों कराई जा रही थी?
यदि हादसा कुछ सेकंड पहले या बाद में होता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
ग्रामीणों ने की ये प्रमुख मांगें
हादसे के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
स्कूल भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।
जर्जर भवन में पढ़ाई तत्काल बंद की जाए।
बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
खराब गुणवत्ता से मरम्मत करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई हो।
स्कूल के लिए नया और सुरक्षित भवन जल्द स्वीकृत किया जाए।
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।