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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में टोनही प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। उरगा थाना क्षेत्र के भांटापारा कुदुरमाल में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर वर्षों तक मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में पुलिस ने उसकी देवरानी, पुत्री और पुत्र को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पीड़िता ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल वार्ड क्रमांक-4 निवासी सत्यभामा वैष्णव (65) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी देवरानी लक्ष्मीन वैष्णव उर्फ लक्ष्मी (45), उसकी पुत्री चंचल वैष्णव (21) और पुत्र किशन वैष्णव उर्फ गोलू (26) कई वर्षों से उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
'टोना-टोटका करने वाली' कहकर करते थे बदनाम
शिकायत के अनुसार, आरोपी रोज उनके घर के सामने आकर गाली-गलौज करते थे और उन पर जादू-टोना करने का आरोप लगाकर "टोना-टोटका करने वाली" कहकर पूरे मोहल्ले में बदनाम करते थे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके दिवंगत पति को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने कई बार घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घर में कूलर खराब होने या अन्य सामान खराब होने जैसी घटनाओं का आरोप भी उन पर लगाया जाता था। लगातार प्रताड़ना के कारण वह और उनका बेटा भय के माहौल में रहने को मजबूर थे।
टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 3(5) तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जमानत नहीं मिलने पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप पीड़िता की शिकायत और पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।