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जगदलपुर। बस्तर की 20 वर्षीय छात्रा हरिका राव नायडु की आत्महत्या ने एक बार फिर NEET UG परीक्षा, छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली छात्रा ने कथित तौर पर लगातार तीन बार NEET UG परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार, बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा निवासी हरिका राव नायडु का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने अपने परिवार से माफी मांगी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल जारी है।
परिजनों के मुताबिक, हरिका का सपना डॉक्टर बनने का था। उसने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत की और इस बार बेहतर परिणाम की उम्मीद थी। परिणाम आने के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।
घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना को शिक्षा व्यवस्था की विफलता बताते हुए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, इस घटना के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।