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रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के नकटी गांव में गरीब परिवारों के कथित रूप से उजड़े आशियानों और उनके संघर्ष की कहानी अब वेब फिल्म 'आवास' के जरिए लोगों तक पहुंच रही है। समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की बेबसी, आवास की जरूरत और पुनर्वास से जुड़ी चुनौतियों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह भावनात्मक फिल्म बिंदास बहुरानी (वंदना साहू) के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दी गई है।
फिल्म की कहानी उन परिवारों की पीड़ा को दर्शाती है, जिनके मकानों को सरकारी कार्रवाई के दौरान अवैध बताकर हटाया गया। प्रभावित लोगों का कहना था कि कुछ परिवारों को फ्लैट मिले, लेकिन सभी को पुनर्वास का लाभ नहीं मिला। सबसे बड़ी चिंता उनके मवेशियों—गाय, बैल और अन्य पशुओं—को लेकर थी। ग्रामीणों का सवाल था कि यदि वे फ्लैट में रह भी लें, तो उनके पशु कहां रहेंगे, क्योंकि यही उनकी आजीविका का आधार हैं।
वेब फिल्म 'आवास' इसी दर्द, संघर्ष और सामाजिक वास्तविकता को बेहद संवेदनशील और भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करती है। फिल्म यह संदेश देती है कि विकास और पुनर्वास की योजनाओं में केवल लोगों को छत देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, पारिवारिक परिस्थितियों और पशुधन जैसी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
फिल्म के निर्माता संजीव कुमार साहू, निर्देशक कुंदन साहू और कहानी एवं पटकथा लेखिका वंदना साहू हैं। मुख्य भूमिका में बिंदास बहुरानी (वंदना साहू) और कुंदन साहू नजर आए हैं। सिनेमैटोग्राफी और संपादन हरीश पटेल ने किया है। फिल्म की शूटिंग छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर की गई है, जिसमें कई स्थानीय कलाकारों ने भी प्रभावशाली अभिनय किया है।
फिल्म के गीत वंदना साहू और आदित्य साहू ने लिखे हैं, जबकि शिवानी जंघेल और कुलदीप सरवा ने अपनी आवाज दी है। पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य एचपी प्रोडक्शन, डोंगरगढ़ ने संभाला है। मीडिया पार्टनर के रूप में The PS Show, Public Swar और VPM जुड़े रहे।
रिलीज के बाद यह वेब फिल्म सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दर्शक इसकी भावनात्मक कहानी और सामाजिक संदेश की सराहना कर रहे हैं।