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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन एवं वादन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
किन कार्यक्रमों में बजेगा ‘वंदे मातरम’?
नई गाइडलाइन के अनुसार, नागरिक सम्मान समारोहों, राष्ट्रपति के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों और अन्य सरकारी आयोजनों में राष्ट्रपति के आगमन एवं प्रस्थान के समय ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में भी इसका वादन अनिवार्य होगा।
राज्यपाल के कार्यक्रमों पर भी लागू होंगे नियम
राज्यपाल और उप-राज्यपाल के अपने-अपने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों में आगमन और प्रस्थान के दौरान भी राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। वहीं, परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय भी ‘वंदे मातरम’ का वादन किया जाएगा।
सही उच्चारण और शब्दों का पालन जरूरी
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के गायन या वादन के दौरान उनके सही शब्दों और शुद्ध उच्चारण का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसके लिए मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शब्दावली और उच्चारण गाइड भी उपलब्ध कराई है।
राज्य गीत से पहले होगा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान
गाइडलाइन के अनुसार, जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया जाता है, वहां सबसे पहले ‘वंदे मातरम’, उसके बाद ‘जन गण मन’ और अंत में राज्य गीत प्रस्तुत किया जाएगा।
150वीं वर्षगांठ पर केंद्र की विशेष पहल
केंद्र सरकार इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रही है। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को समान सम्मान प्राप्त राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। स्वतंत्रता संग्राम में दोनों की ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए इन्हें राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक माना जाता है।