Mor Anchal

मोर अंचल

हर पल हर खबर
Breaking
🔴 छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, दिन में बढ़ेगी गर्मी; रायपुर में 34 डिग्री तक पहुंचेगा पारा 🔴 छत्तीसगढ़ में आज की बड़ी खबरें: महानदी विवाद पर दिल्ली में बैठक, बस्तर ओलंपिक के पंजीयन शुरू, RDA के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन 🔴 दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को हाईकोर्ट से राहत, 31 सप्ताह के गर्भ के समापन की मिली अनुमति 🔴 छत्तीसगढ़ में हाथी का हमला? खेत में मिला 30 वर्षीय युवक का शव, दरहोरा गांव में पसरा मातम 🔴 नवा रायपुर में प्रभावित किसानों की बैठक, लंबित मांगों पर मंथन; 8 अक्टूबर को होगी किसान महासभा 🔴 छत्तीसगढ़ में दो दर्दनाक सड़क हादसे: धमतरी में एम्बुलेंस सवार नर्स की मौत, सूरजपुर में कुएं में गिरी बाइक 🔴 सरगुजा में करंट की चपेट में आया हाथी का बच्चा, मौके पर मौत; रातभर शव के पास डटा रहा हाथियों का झुंड 🔴 लेमरू गैंगरेप मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों को 20-20 साल की सजा 🔴 श्मशान के पास चल रही थी कथित तंत्र-मंत्र की क्रिया, ग्रामीणों ने 9 लोगों को पकड़ा; पुलिस ने किया गिरफ्तार 🔴 पिता को फिर जिंदा करने की उम्मीद में ,4 साल तक Freezer में रखा शव 🔴 छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, दिन में बढ़ेगी गर्मी; रायपुर में 34 डिग्री तक पहुंचेगा पारा 🔴 छत्तीसगढ़ में आज की बड़ी खबरें: महानदी विवाद पर दिल्ली में बैठक, बस्तर ओलंपिक के पंजीयन शुरू, RDA के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन 🔴 दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को हाईकोर्ट से राहत, 31 सप्ताह के गर्भ के समापन की मिली अनुमति 🔴 छत्तीसगढ़ में हाथी का हमला? खेत में मिला 30 वर्षीय युवक का शव, दरहोरा गांव में पसरा मातम 🔴 नवा रायपुर में प्रभावित किसानों की बैठक, लंबित मांगों पर मंथन; 8 अक्टूबर को होगी किसान महासभा 🔴 छत्तीसगढ़ में दो दर्दनाक सड़क हादसे: धमतरी में एम्बुलेंस सवार नर्स की मौत, सूरजपुर में कुएं में गिरी बाइक 🔴 सरगुजा में करंट की चपेट में आया हाथी का बच्चा, मौके पर मौत; रातभर शव के पास डटा रहा हाथियों का झुंड 🔴 लेमरू गैंगरेप मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों को 20-20 साल की सजा 🔴 श्मशान के पास चल रही थी कथित तंत्र-मंत्र की क्रिया, ग्रामीणों ने 9 लोगों को पकड़ा; पुलिस ने किया गिरफ्तार 🔴 पिता को फिर जिंदा करने की उम्मीद में ,4 साल तक Freezer में रखा शव

Search News

अपनी पसंद की खबर खोजें

Home छत्तीसगढ़ अपराध देश - विदेश राजनीति मनोरंजन
होम छत्तीसगढ़ रायपुर की अनोखी परंपरा: महाप्रभु जगन्नाथ के रथ का मार्ग 2 सोने की झ...
रायपुर की अनोखी परंपरा: महाप्रभु जगन्नाथ के रथ का मार्ग 2 सोने की झाड़ुओं से होता है साफ, राज्यपाल और CM निभाते हैं 'छेरापहरा' की रस्म
छत्तीसगढ़

रायपुर की अनोखी परंपरा: महाप्रभु जगन्नाथ के रथ का मार्ग 2 सोने की झाड़ुओं से होता है साफ, राज्यपाल और CM निभाते हैं 'छेरापहरा' की रस्म

Mor Anchal Desk 15 July 2026
Share :

रायपुर | भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक भी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी रथयात्रा से पहले एक ऐसी अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यहां महाप्रभु जगन्नाथ के रथ के मार्ग की सफाई सामान्य झाड़ू से नहीं, बल्कि करीब सवा किलो वजनी दो सोने की झाड़ुओं से की जाती है।

ये दोनों स्वर्ण झाड़ू पूरे वर्ष मंदिर की तिजोरी में सुरक्षित रखी जाती हैं और केवल रथयात्रा के दिन ही बाहर निकाली जाती हैं। इस दौरान एक झाड़ू राज्यपाल और दूसरी मुख्यमंत्री के हाथ में होती है। दोनों महाप्रभु के रथ के आगे प्रतीकात्मक रूप से मार्ग की सफाई कर 'छेरापहरा' की प्राचीन परंपरा निभाते हैं।

पुरी धाम की परंपरा का रायपुर में निर्वहन

अवंति विहार-गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में वर्ष 2003 से पुरी धाम की तर्ज पर रथयात्रा निकाली जा रही है। मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा के अनुसार, पुरी में गजपति महाराज जिस तरह सोने की झाड़ू से भगवान के रथ का मार्ग साफ करते हैं, उसी परंपरा का पालन रायपुर में भी किया जाता है। यहां राजा की भूमिका राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाते हैं।

सवा किलो वजनी हैं दोनों स्वर्ण झाड़ू

मंदिर समिति के अनुसार, दोनों स्वर्ण झाड़ुओं का वजन करीब सवा किलो है। इनका उपयोग केवल रथयात्रा के दिन छेरापहरा अनुष्ठान के लिए किया जाता है। यह परंपरा भगवान के समक्ष सेवा, विनम्रता और समानता का संदेश देती है।

पुरी जैसी भव्यता, ओडिशा से पहुंचे कलाकार और पुजारी

रथयात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इस बार भी ओडिशा से कलाकार रायपुर पहुंचे हैं। वे मंदिर, रथ और परिसर को पारंपरिक शैली की रंगीन चित्रकारी और धार्मिक अलंकरण से सजा रहे हैं।

साथ ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना तथा रथयात्रा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है।

500 साल पुराना है टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर

रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित टुरी-हटरी जगन्नाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। लगभग 500 वर्ष पुराने इस मंदिर को पहले 'साहूकार मंदिर' के नाम से जाना जाता था। बाद में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित होने के बाद इसकी पहचान जगन्नाथ मंदिर के रूप में बनी।

बताया जाता है कि मंदिर का निर्माण अग्रवाल परिवार ने कराया था और अंग्रेजी शासनकाल में एक अग्रवाल साहूकार ने इसका विस्तार एवं सौंदर्यीकरण कराया था।

एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर

टुरी-हटरी स्थित मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थित हैं। यही वजह है कि यह मंदिर वर्षभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।