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रायपुर | राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआती पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि बैटरी कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने पहले पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया, फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए। देर शाम परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा।
वारदात से पहले बेटे को घर बुलाया
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना से एक रात पहले शाहिद ने अपने बेटे इरशाद को फोन कर तत्काल घर लौटने के लिए कहा था। बताया जा रहा है कि उसने बेटे को डांटते हुए वापस बुलाया। इसके बाद पूरा परिवार घर में एक साथ मौजूद रहा और रात में मिठाई भी खाई गई। पुलिस इस घटनाक्रम को मामले की अहम कड़ी मानकर जांच कर रही है।
सुबह कुछ मिनट बाहर निकला, फिर नहीं दिखा
सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे शाहिद कुछ देर के लिए घर से बाहर निकला था। वह वॉशरूम जाने के बाद वापस कमरे में चला गया और फिर बाहर नहीं आया। इसके बाद जब पूरे दिन घर का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
परिवार की दिनचर्या सामान्य, केवल शाहिद था तनाव में
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि घटना से पहले तक परिवार का व्यवहार पूरी तरह सामान्य था। शाहिद की पत्नी राबिया बानो गुरुवार को एक दर्जी के यहां कपड़े सिलवाने गई थीं और रविवार तक कपड़े तैयार करने की बात कहकर लौटी थीं। दोनों बेटियां भी पड़ोस में रहने वाले किरायेदार के घर गई थीं। किसी को भी परिवार में किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं था।
हालांकि शुरुआती जांच में यह जरूर सामने आया है कि शाहिद पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसके तनाव की वजह क्या थी और क्या आर्थिक समस्याएं इसके पीछे जिम्मेदार थीं।
कर्ज, नशे की लत और आर्थिक संकट की जांच
पुलिस के मुताबिक शाहिद बैटरी रिपेयरिंग और खरीद-बिक्री का काम करता था। शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि वह नशे का आदी था और आर्थिक तंगी से भी जूझ रहा था। कुछ लोगों के उससे उधार लेन-देन होने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं किसी निवेश, ऑनलाइन लेन-देन या अन्य आर्थिक विवाद के कारण वह मानसिक दबाव में तो नहीं था।
मिठाई और भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे
घटनास्थल से पुलिस को खाने का सामान, आलू की सब्जी, चावल और मिठाई के अवशेष मिले हैं। घर से फिनाइल का डिब्बा भी बरामद हुआ है, लेकिन कोई स्पष्ट जहरीला पदार्थ नहीं मिला। ऐसे में पुलिस ने भोजन, मिठाई और विसरा के नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत जहरीले पदार्थ से हुई या किसी अन्य कारण से।
पुलिस बोली- हर पहलू की हो रही जांच
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और परिवार की पृष्ठभूमि सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।