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रायपुर | राजधानी रायपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और बड़ी संख्या में युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन को और तेज करते हुए NSUI के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
‘यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, छात्रों के भविष्य का आंदोलन’
धरने में शामिल युवाओं ने कहा कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर ही अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के लाखों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर उठी आवाज
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि बार-बार परीक्षाएं रद्द होने और दोबारा आयोजित होने से छात्रों का समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवादों और पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
दिल्ली की कार्रवाई पर भी जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने मांग की कि विरोध प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और उनकी बात सुनी जाए।
पहले दिन भी जुटी थी बड़ी संख्या में भीड़
रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून लागू किए जाएं।
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार ठोस निर्णय ले।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय की जाए।
शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।