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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित फर्जी स्नेक बाइट मुआवजा मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिम्स (SIMS) में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर दो मामलों में स्नेक बाइट से मौत की कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और मौत का कारण कथित रूप से स्नेक बाइट दर्शाया गया था।
इस मामले में इससे पहले मृतकों के परिजनों और एक वकील समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे वकील श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार हैं।
पुलिस ने बताया कि डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से हुई मौत को भी स्नेक बाइट बताकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस मामले में उनसे प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ की जाएगी।
इससे पहले 16 जुलाई को सरकंडा पुलिस ने फर्जी स्नेक बाइट से जुड़े पांच मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस के अनुसार, जिले में फर्जी स्नेक बाइट से मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के 15 मामलों की जांच जारी है। जांच के दायरे में सिम्स के 4 से 5 डॉक्टर भी हैं। पुलिस सभी मामलों की समीक्षा कर रही है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।