अपनी पसंद की खबर खोजें
अंधविश्वास फैलाकर लोगों से ठगी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सिमगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भूत-प्रेत का साया बताकर और पूजा-पाठ के नाम पर बीएससी की छात्रा से ऑनलाइन ठगी करने वाले मध्यप्रदेश के आरोपी जयप्रकाश मिश्रा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई जांच ने आरोपी को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
तांत्रिक बनकर छात्रा को डराया
पुलिस के मुताबिक, सिमगा निवासी बीएससी थर्ड सेमेस्टर की छात्रा से आरोपी ने मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया। उसने खुद को तांत्रिक बताते हुए दावा किया कि छात्रा पर भूत-प्रेत का साया है और यदि विशेष पूजा नहीं कराई गई तो उसके साथ बड़ी अनहोनी हो सकती है।
डर और अंधविश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने अलग-अलग समय पर पूजा कराने के नाम पर अपने QR कोड के माध्यम से छात्रा से कुल ₹18,600 ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
जब छात्रा को ठगी का एहसास हुआ तो उसने सिमगा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
वैज्ञानिक जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने:
कोर्ट ने सुनाई सजा
मजबूत चार्जशीट, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिमगा योगिता जांगड़े की अदालत ने 9 जुलाई को आरोपी को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने:
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर अंधविश्वास के नाम पर पैसे न दें। यदि कोई भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र या पूजा-पाठ के नाम पर पैसे मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।