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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र किए जाने के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर का इस्तेमाल उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि चाकूबाजी के मामले में पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बनाने और डराने के लिए किया गया था।
मामला तोरवा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद अपने भाई की जमानत में खर्च हुए करीब 1 लाख रुपए पीड़ित परिवार से मांगे गए थे। पैसे नहीं देने पर परिवार को तांत्रिक क्रिया के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई।
इंस्टाग्राम के जरिए तांत्रिक से संपर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम के जरिए ऋषिकेश कुमार से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, यही युवक देवरी श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया कर रहा था।
श्मशान घाट से मिली तस्वीरों में हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इन तस्वीरों और कथित तांत्रिक गतिविधियों के जरिए पीड़ित परिवार को डराने का प्रयास किया गया।
जमानत के लिए मांगे 1 लाख, केस वापस लेने का भी दबाव
पुलिस के मुताबिक, दयालबंद निवासी ओम बोले अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा था। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जमानत में खर्च हुए पैसे वापस करने की मांग की।
पैसे नहीं देने पर परिवार को धमकाया गया और कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया के जरिए नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। साथ ही चाकूबाजी के मामले में समझौता कर केस वापस लेने के लिए भी दबाव बनाने का आरोप है।
श्मशान घाट में पकड़ा गया था एक आरोपी
तांत्रिक क्रिया की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की कार्रवाई में ऋषिकेश कुमार को श्मशान घाट से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसका अन्य आरोपियों से संपर्क सामने आया।
मामले में फरार चल रहे तीन अन्य आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, कथित तांत्रिक गतिविधि और पीड़ित परिवार को धमकाने से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
इन आरोपियों पर कार्रवाई
मामले में ओम बोले के अलावा तरुण बजाज, मोहम्मद इसरार और ऋषिकेश कुमार के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बिलासपुर एएसपी सिटी पंकज पटेल के मुताबिक, शिकायत के आधार पर तोरवा थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है और मामले की आगे जांच जारी है।